विश्व के चौधरी ने खाप लगा कर फ़तवा जारी कर दिया है कि खबरदार ! होशियार ! इराक़ के बाद अब बारी ईरान की है ! और आरोप वही हैं जो इराक़ पर थे और उस मुल्क की तबाही वहाँ के तेल कुएं पर कब्जे के बाद गलत साबित हुए थे.खैर, लेकिन आप उस गोली का क्या करेंगे ! जो तेज़ से तेज़ तर होती जा रही है.जिसके निशाने पर पूरी दुनिया है.उसे बच्चों की मुस्कान लह लहाती फसलों में, तो कभी किसी फूल में दिखाई देती है.
उम्र 11 किताब 34
शर्म आती है लिखते हुए कि चौंतीस साल में हमलोग ग्यारह किताब नहीं लिख पाए.कभी समय का रोना तो कभी स्थितियों का विलाप ! लेकिन उसकी उम्र महज़ ग्यारह साल है और उसने अब तक 34 किताबें लिख दीं हैं। किताबों की बिक्री से मिले पैसे का सदुपयोग अनाथ बच्चों के लिए किया जाता है.यह उसका ही निर्णय है.जी ! आप सही समझ रहे हैं मैं ईरान की रहने वाली विश्व की सबसे कम आयु की रचनाकार मेलिका गोली की बात कर रहा हूँ. इस तरह वह दुनिया की सबसे कम उम्र की दानी भी है।
मुझको जाना है अभी ऊंचा हद-ए-परवाज़ से .उसके आदर्श हैं फ़ारसी के ख्यात साहित्यकार फ़िरदौसी और प्रचुर लेखन कर उन्हीं की तरह रिकॉर्ड बनाना चाहती है.आगे उसने कहा कि हालांकि उसे पता है कि वह उस शिखर तक कभी नहीं पहुँच सकती. क्योंकि वह वास्तव में एक महान व्यक्तित्व थे . बच्चों के लिए लिखने का उसका इरादा जीवन भर है . इरान के मशहद शहर में अपने परिवार के साथ रहने वाली मेलिका जब सात वर्ष की थी और पहली कक्षा में पढ़ती थी तो स्कूल में आयोजित कहानी लेखन में उसने भाग लिया था. हालांकि, वह मौखिक प्रतियोगिता थी. लेकिन यहीं से उसके लेखन की शुरुआत होती है.संसार के साहित्य पटल पर सितारे की तरह नमूदार हुई इस नन्ही लेखिका की अब तक चौदह किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं.जिनमें भगोड़ा, दौलत, अमीर बाप,दुल्हन,अधिक से कहीं ज्यादा सुंदर, साइकिल, अंतिम समय और नया बॉस उसकी प्रमुख कृतियाँ हैं.
मुख्य रूप से विदेशी लेखकों की किताबें पढ़ने में उसकी दिलचस्पी है. ब्रिटिश उपन्यासकार रोल्ड डहल , अमेरिकी साहित्यकार शेल सिल्वर स्टेन , डेनिश लेखक हैंस क्रिश्चियन एण्डरसन और ईरान के लेखकों में मेहदी अजार यजदी और सदक़ हिदायत उसके पसंदीदा लेखकों में से हैं. उसका कहना है कि बच्चे ज़्यादातर विज्ञान की किताबें पढना चाहते हैं जबकि स्कूल के पुस्तकालयों में उन्हें धर्म और इतिहास से सम्बंधित पुस्तकें ही मिलती हैं जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए.
फिलहाल वह अपना नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाना चाह रही है। मेलिका के पिता ने अपनी बेटी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए आवेदन कर दिया है। लेकिन गिनीज बुक के अधिकारियों का कहना है कि मेलिका को यह सम्मान देने के लिए उन्हें ईरान सरकार की ओर से भी आधिकारिक आवेदन चाहिए। आगे वे कहते हैं कि उन्हें नहीं लगता कि इससे पहले इतनी छोटी उम्र का कोई लेखक सामने आया है। ईरान के नेशनल रिकॉर्ड लिस्ट के अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है कि मोलिका ही सब से कम उम्र की लेखिका है.


